अश्विन पर टिकी नई टीमों की निगाहें

मुंबई । भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अलावा उनके साथी रविंद्र जडेजा, अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना और रविचंद्रन अश्विन उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें मंगलवार को यहां होने वाले आईपीएल ड्राफ्ट में दोनों नई फ्रेंचाइजी अपनी टीमों से जोड़ने की कोशिश करेंगी।

संजीव गोयनका की न्यू राइजिंग ने आठ दिसंबर को दिल्ली में हुई रिजर्व बोली प्रक्रिया में पुणे फ्रेंचाइजी जबकि इंटेक्स ने राजकोट फ्रेंचाइजी को खरीदा था। ये दोनों टीमें 2016 और 2017 में निलंबित चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रायल्स की जगह लेंगी। इस ट्वेंटी20 लीग में दोनों नई फ्रेंचाइजी कुछ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को अपनी टीमों से जोड़ सकती हैं। इनमें न्यूजीलैंड के कप्तान ब्रैंडन मैकुलम, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके आस्ट्रेलियाई शेन वाटसन, वर्तमान कप्तान स्टीवन स्मिथ और वेस्टइंडीज के आलराउंडर ड्वेन ब्रावो शामिल हैं। पिछले साल चेन्नई और रायल्स से खेलने वाले लगभग 50 क्रिकेटर ड्राफ्ट में रखे जाएंगे। पुणे को मुंबई क्रिकेट संघ के बांद्रा कुर्ला परिसर में होने वाले ड्राफ्ट में खिलाड़ियों को चुनने का पहला मौका दिया जाएगा क्योंकि उसने दो साल के नयी टीम खरीदने के लिये सबसे कम बोली लगायी थी।

चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रायल्स के आईपीएल 2013 स्पाट फिक्सिंग मामले में दो साल के लिये निलंबन के बाद ये दो नयी टीमें इस टूर्नामेंट से जोड़ी गयी है। चेन्नई और रायल्स दो साल के निलंबन के बाद वापस लीग से जुड़ जाएंगी। बीसीसीआई सूत्रों ने ड्राफ्ट से पहले कहा कि दोनों नयी फ्रेंचाइजी के पास अधिकतम पांच खिलाड़ियों को चुनने का विकल्प होगा। जिन खिलाड़ियों को नहीं खरीदा जाएगा उन्हें अगले साल फरवरी में होने वाली खिलाड़ियों की नीलामी में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रेडिंग विंडो (किसी अन्य फ्रेंचाइजी द्वारा खिलाड़ियों को खरीदारी के लिये रखना) भी 15 दिसंबर से 31 दिसंबर तक खुली रहेगी।

यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत के टी20 और विश्व कप विजेता कप्तान धोनी अब भी वैसा ही रुतबा रखते हैं जैसा कि वह चेन्नई की अगुवाई करते हुए रखते थे। चेन्नई ने आठ साल पहले खिलाड़ियों की नीलामी में उन्हें भारी भरकम कीमत में खरीदा था। चेन्नई की आठ साल तक अगुवाई करने वाले धोनी को ड्राफ्ट की पहली सूची में जगह मिलने की संभावना है। फ्रेंचाइजी जिन पहले दो खिलाड़ियों का चयन करेंगी उनकी कीमत 12.5 करोड़ रुपये होगी। इनमें से प्रत्येक टीम के पास एक एक खिलाड़ी जाएगा। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि राजकोट अपने घरेलू खिलाड़ी रविंद्र जडेजा पर दांव लगाता है या नहीं। भारतीय टेस्ट टीम में वापसी करने और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन के बाद जडेजा महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन गये हैं। जिन अन्य प्रमुख खिलाड़ियों को ड्राफ्ट में जगह मिलने की संभावना है उनमें चेन्नई के रैना, अश्विन, ड्वेन ब्रावो और मैकुलम जबकि रायल्स के रहाणे, स्मिथ और वाटसन शामिल हैं।

 

बोली के नियमों के अनुसार प्रत्येक फ्रेंचाइजी की तरफ से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पहले खिलाड़ी को 12.5 करोड़ रूपये और बाकी चार खिलाड़ियों को क्रमश: 9.5 करोड़, 7.5 करोड़, 5.5 करोड़ और चार करोड़ रुपये मिलेंगे। केवल घरेलू क्रिकेट में खेलने वाले खिलाड़ी का चयन किये जाने पर उसे चार करोड़ रूपये ही मिलेंगे। नौवां आईपीएल टूर्नामेंट अगले साल नौ अप्रैल से 29 मई के बीच खेला जाएगा।

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टेस्ट में न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को रौंदा

ड्यूनेडिन।  न्यूजीलैंड ने अंतिम दिन श्रीलंका के बाकी बचे 7 विकेट निकालकर पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में 122 रन की जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड ने श्रीलंका के सामने 405 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा था। श्रीलंका के पास समय पर्याप्त था लेकिन उसके बल्लेबाज जरूरी संयम दिखाने में नाकाम रहे और आखिरी दिन लंच के बाद उसकी पूरी टीम 282 रन पर सिमट गयी।

श्रीलंका के दो बल्लेबाजों दिनेश चंदीमल और कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने दिन का खेल शुरू होने पर कुछ देर तक संघर्ष किया और चौथे विकेट के लिये 56 रन जोड़े, लेकिन तीन ओवर के अंदर एक ही स्कोर पर इन दोनों के आउट होने से न्यूजीलैंड की जीत का रास्ता साफ हो गया। मैथ्यूज (25) को नील वैगनर ने बोल्ड किया जबकि इसके 17 गेंद बाद माइकल सैंटनर ने श्रीलंका की तरफ से सर्वाधिक स्कोर बनाने वाले चंदीमल (58) को पवेलियन की राह दिखायी। न्यूजीलैंड की यह श्रीलंका पर यह पिछले तीन वर्षों में लगातार तीसरी जीत है।

मैकुलम के अपनी दूसरी पारी तीन विकेट पर 267 रन पर समाप्त घोषित करने के साहसिक फैसले के बाद श्रीलंका के पास 405 रन के लक्ष्य तक पहुंचने के लिये पांच सत्र से भी अधिक का समय था। आज सुबह जब श्रीलंका ने तीन विकेट पर 109 रन से आगे खेलना शुरू किया तो पिछले दिन बारिश के कारण व्यवधान के कारण बर्बाद हुए समय की भरपायी करने के लिये खेल आधे घंटे पहले शुरू किया गया। श्रीलंका तब लक्ष्य से 296 रन पीछे था और उसकी उम्मीदें अनुभवी चंदीमल और मैथ्यूज पर टिकी थी।

श्रीलंकाई कप्तान को उम्मीद थी कि तीसरी गेंद भी शॉर्ट पिच ही आएगी लेकिन वैगनर ने फुललेंथ गेंद की जो मैथ्यूज का मिडिल स्टंप उखाड़ गयी। इसके तुरंत बाद सैंटनर ने चंदीमल को पगबाधा आउट कर दिया। अपना 24वां टेस्ट खेल रहे इस 26 वर्षीय बल्लेबाज ने गेंद पुश करने की कोशिश की लेकिन चूक गये और गेंद विकेट के आगे उनके पैड से टकरा गयी। कितुरूवान वितांगे ने आक्रमण की नीति अपनायी। उन्होंने टिम साउथी की गेंद पर पगबाधा आउट होने से पहले अपनी 38 रन की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। लंच के समय श्रीलंका का स्कोर छह विकेट पर 224 रन था। इसके बाद बाकी बचे चार विकेट 11 ओवर में 58 रन जोड़कर निकले गये। न्यूजीलैंड की तरफ से साउथी ने 52 रन देकर तीन विकेट लिये जबकि बोल्ट, वैगनर और सैंटनर ने 2-2 विकेट हासिल किये।

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वर्ल्ड कप T-20 का शेड्यूल घोषित

मुंबई : अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप में  भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है और उनका मुकाबला 19 मार्च को धर्मशाला में होगा । आईसीसी ने टी20 विश्व कप के ग्रुप और कार्यक्रम की घोषणा की जिसमें आठ मार्च से तीन अप्रैल तक भारत के आठ शहरों में मैच खेले जायेंगे ।

अभी भारत और पाकिस्तान के बीच इस महीने के आखिर में द्विपक्षीय श्रृंखला पर फैसला नहीं हो सका है । भारत 15 मार्च को नागपुर में न्यूजीलैंड से पहला मैच खेलेगा जिसके बाद पाकिस्तान से सामना होगा । भारत को अगला मैच बेंगलूर में 23 मार्च को ग्रुप ए क्वालीफाइंग विजेता से और 27 मार्च को मोहाली में आस्ट्रेलिया से होगा ।

बेंगलूरू, चेन्नई, धर्मशाला, कोलकाता, मोहाली, मुंबई, नागपुर और दिल्ली में 27 दिन के भीतर पुरूष वर्ग के 35 और महिला वर्ग के 23 मैच खेले जायेंगे। सेमीफाइनल नयी दिल्ली और मुंबई में क्रमश: 30 और 31 मार्च को होगा जबकि तीन अप्रैल को कोलकाता के ईडन गार्डन पर फाइनल खेला जायेगा ।

मुंबई में कार्यक्रम की घोषणा के मौके पर आईसीसी अध्यक्ष शशांक मनोहर ने कहा ,‘ भारत में क्रिकेट मजहब है और इस तरह का जुनून हर जगह देखने को नहीं मिलता । मुझे यकीन है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड बेहतरीन टूर्नामेंट की सौगात देगा जिस तरह 1987, 1996 और 2011 में विश्व कप हुए थे ।’

मनोहर ने कहा ,‘ आईसीसी और बीसीसीआई मिलकर इसे यादगार टूर्नामेंट बनायेंगे । मैं दुनिया भर के क्रिकेटप्रेमियों को बेहतरीन खेल और भारतीय संस्कृति तथा आतिथ्य सत्कार की बानगी देखने यहां आने का न्यौता देता हूं ।’ बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने कहा ,‘ मेजबान के तौर पर हम विश्व क्रिकेट के सबसे मनोरंजक टूर्नामेंटों में से एक के आयोजन के लिये पूरी तरह तैयार हैं । हमें तीन विश्व कप की मेजबानी का अनुभव है और टी20 विश्व कप भी यादगार होगा ।’

बीसीसीआई और आईसीसी मिलकर इसे खिलाड़ियों और दर्शकों के लिये यादगार अनुभव बनायेंगे । भारत रंग बिरंगा, जोश और उर्जा से भरा देश है जैसा टी20 क्रिकेट होता है । हम सभी को इसका अनुभव करने के लिये आमंत्रित करते हैं ।’ महिला सेमीफाइनल और फाइनल के बाद पुरूष वर्ग के नाकआउट मैच होंगे । फाइनल के लिये एक रिजर्व दिन है। पुरूष वर्ग में कुल ईनामी राशि 56 लाख डालर है जो 2014 की तुलना में 86 प्रतिशत अधिक है । महिला वर्ग में ईनामी राशि चार लाख डालर है जो बांग्लादेश में हुए पिछले विश्व कप से 122 प्रतिशत अधिक है ।

पुरूष वर्ग के प्रारूप के तहत चार चार के दो समूहों में आठ टीमें पहले दौर में खेलेंगे और विजेता को सुपर 10 चरण में बाकी आठ टीमों के साथ खेलने का मौका मिलेगा । सुपर 10 चरण की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी । महिला वर्ग में 10 टीमों को दो समूहों में बांटा जायेगा और हर समूह से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी ।

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टॅाप टेन धनकुबेरों में धोनी,कोहली और तेंदुलकर

फोर्ब्स की ताजा सबसे अधिक कमाई करने वाले भारतीयों की लिस्ट में टॅाप टेन लोगों में टी 20 कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी और टेस्ट कप्तान विराट कोहली समेत चैंपियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का नाम शामिल है ।

मैग्जीन ने अक्पॅाटूबर 2014 से नवंबर 2015 के दौरान पापुलर्टी के आधार पर भी लिस्ट तैयार की है । इस लिस्ट में बॅालीवुड और क्रिकेट जगत का दबदबा साफ दिखाई पड़ रहा है । कैप्टन धोनी 119.33 करोड़ की कमाई के साथ इस सूची में चौथे स्थान  पर है ,वहीं टेस्ट कप्तान विराट कोहली सांतवे पायदान पर और क्रिकेट को अलविदा कह चुके मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर कोहली से एक पायदान नीचे आठवें स्थान पर हैं।

इस पूरी सूची में सभी को पीछे छोड़ते हुए किंग खान को शीर्ष स्थान मिला है वहीं बॅालीवुड भाईजान दूसरे और महानायक अमिताभ बच्चन तीसरे स्थान पर हैं।

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भारत-पाक क्रिकेट हलचल मेरी समझ से परे-मो. युसुफ

कराची । पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मो. यूसुफ ने आज भारत -पाक सीरीज़ के बारे में बेबाकी से अपने विचार रखे ,मो. युसुफ का कहना था कि मुझे समझ नहीं आता कि भारत-पाक क्रिकेट सीरीज़ को लेकर इतनी हलचल क्यों होती है। पाक क्रिकेट बोर्ड का खजाना भरने से ज्यादा इन सीरीज से क्या होता है मुझे नहीं पता ।आखिर क्यों विश्व क्रिकेट में इन दो देशों के बीच मैच को इतना महत्व दिया जाता है।

अपने करियर में भारत के साथ खेले मैच को याद कर युसुफ ने  कहा ‘कि सिर्फ 2004 -07 तक दोनो देश लगातार क्रिकेट खेले थे नहीं तो हमेशा से दोनो देशों के बीच लंबे अंतराल तक क्रिकेट बंद रहा है, और दोनो देशों के क्रिकेट पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा, और न हीं भारत पाक के बीच क्रकेट न खेले जाने से अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट बंद हो गया ।

युसुफ ने ये भी कहा कि पाक क्रिकेट बोर्ड को खुलकर कहना चाहिए डोनो देशों के बीच क्रिकेट सीरीज़ होने से उसकी मोटी कमाई होगी ।उन्होंने कहा, ‘मुझे इसमें सिर्फ कमाई का नजरिया दिखता है। जहां तक मैं जानता हूं, पीसीबी के पास पैसे की कमी नहीं है क्योंकि उसके वेतनमान पर मोटी तनख्वाह लेने वाले कर्मचारी है और बोर्ड अधिकारियों की यात्रा पर भारी खर्च होता है।’

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नहीं है सुरक्षित ई-सिगरेट

अगर आप सिगरेट पीने की आदत से छुटकारा पाने के लिए ई-सिगरेट के बारे में सोच रहे है तो, ज़रा रूकिए ये खबर आपके लिए है । हावर्ड यूनिवर्सिटी के टेलर हेस के एक शोध के अनुसार लंबे समय तक ई-सिगरेट पीने से आपको घातक बीमारी हो सकती है विशेष, रूप से सांसों से संबधित बीमारी होने की आशंका काफी बढ़ जाती है।

अपने शोध में हेस ने लगभग 51 प्रकार की ई-सिगरेट की जांच की और पाया कि इनमें से 47 उत्पादों में वो केमिकल पाए जाते है जो सांसो की बीमारी के लिए सबसेे अधिक ज़िम्मेदार होते हैं।

टेलर हेस का कहना है कि बाजार में ई-सिगरेट के काफी फ्लेवर्स मौज़ूद है लेकिन उपभोक्ता मुख्यतः उत्पादक की दया पर निर्भर करते है जिन्हे इन केमिकल्स की जानकारी लगभग न के बराबर होती है।

सेन्टर फॅार डिसीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की रिपोर्ट के अनुसार 2013 से 2014 के बीच ई-सिगरेट पीने वालों की संख्या में तीन गुना बढ़ोत्तरी हुई है। ई-सिगरेट के इस्तेमाल से पॅापकॅारन लंग्स नामकी बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है और इस बामारी में पीड़ित को अपने फेफड़े ट्रांस्पलांट कराने पड़ते है।

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चेन्नई बाढ़ पीड़ितों के लिए आनन्द ने खोले अपने दरवाजे

चेन्नई । चेन्नई में आई भारी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सभी सेलिब्रिटीज़ आगे आ रहे है। इसी क्रम में अगला नाम शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनन्द का है। आनन्द ने बाढ़ पीड़ितो की मदद का बीड़ा उठाया है , लेकिन थोड़ी अलग तरह से, दरअसल आनन्द की पत्नी अरूणआ ने बाढ़ पीड़ितो को अपने घर में रहने की इज़ाजत दी है, आनन्द की पत्नी अरूणा का कहना है कि अपने छोटे बच्चे और ससुर के चलते वो बाहर जाकर लोगोंकी मदद नहीं कर पा रही यही वज़ह है कि उन्होने इस तरह से लोगों की मदद करने का लिर्णय लिया । अरूणा सिर्फ घर में लोगों को रहने की इज़ाडत ही नहीं दे रही बल्कि लोगो को उनकी ज़रूरत का सारा सामान जैसे खाना, कंबल ,चादर पहनने को कपड़े भी उपलब्ध करा रही है।

इस बाबत अरूणा का कहना है कि वो जो कर रही है वो बहुत ही सामान्य सी बात है, लोग तो उनसे कहीं ज्यादा कर रहे हैं। यहां आपको बता दे कि आनन्द फिलहाल चेननई में नहीं है वो लंदन चेस क्लासिक खेल रहे हैं।

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ग्रुप डिस्कशन में इन गलतियों से सीखें

ग्रुप डिस्कशन (जीडी) में किसी गलती की आशंका से कम बोलना या फिर चुप रहना उचित नहीं है। पहले कभी जीडी में मिली नाकामी से डर कर नई कोशिश न करना भी गलत है। अगर कभी असफलता मिली है तो उससे सबक लेने की जरूरत है। जो लोग अपनी गलतियों से सीखते हैं और उन्हें न दोहराने का संकल्प लेते हैं, सही मायनों में तरक्की उन्हें ही मिलती है। जीडी कई क्षेत्र की नौकरियों के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग का महत्वपूर्ण चरण है। आठ से बारह लोगों के बीच अपनी बात को रखना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में गलतियों का होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि गलती हो जाने की आशंका से जीडी में कम बोला जाए या फिर चुप ही रहा जाए। जीडी में सफल होना है तो इन बातों को जानना आवश्यक है-

डिस्कशन में देर से शामिल न हों:::::
जीडी के लिए सीमित समय दिया जाता है। इसी समय में सभी उम्मीदवारों को अपने विचार रखने होते हैं। ऐसे में यदि आप यह सोच कर बैठे रहते हैं कि पहले सामने वाला व्यक्ति बोले, इसके बाद मैं अपने विचार रखूंगा तो समझ लें कि आप अपनी बारी का इंतजार ही करते रह जाएंगे। इस सीमित समय को अपनी पारी के इंतजार में खोने से अच्छा है, मौका तलाश कर बोलना। जीडी में डिस्कशन की शुरुआत करने वाले को हमेशा लाभ मिलता है, इसलिए कोशिश करें कि जीडी में सबसे पहले या दूसरे नंबर पर ही बोलें। यहां जो व्यक्ति सबसे अंत में बोलता है, उसके लिए यह माना जाता है कि उसने सभी को सुनने के बाद अपने विचार बनाए हैं। और वह जो कुछ भी बोल रहा है, वो उसके अपने विचार नहीं हैं। जीडी में मिलने वाले पांच से दस मिनट के समय में टू द प्वॉइंट बोलने का प्रयत्न करें।

भाषा नहीं, विचारों पर जोर दें:::::
ग्रुप डिस्कशन है तो फर्राटेदार इंग्लिश ही बोलनी पड़ेगी, ऐसी मान्यता ठीक नहीं है। हां, यह सही है कि कुछ संस्थान सिर्फ इंग्लिश में ही ग्रुप डिस्कशन का आयोजन करते हैं। अंग्रेजी कमजोर है, इस बात को दिल से लगा कर निराश होने या आत्मविश्वास कम करने की जरूरत नहीं है। कई बड़े संगठन ऐसे भी हैं, जो भाषा को नहीं, बल्कि उम्मीदवार के विचारों को अहमियत देते हैं। वे हिंदी या अंग्रेजी, दोनों ही भाषाओं में अपनी बात रखने का मौका देते हैं। इसका फायदा उठाते हुए आप अपनी मजबूत पकड़ वाली भाषा में विचार रख कर बाजी को अपने हक में कर सकते हैं।

खुद को कम न समझें:::::
डिस्कशन में खुद को दूसरे से कम आंकना सही नहीं है। यह सोच कर अपना आत्मविश्वास कम न करें कि सामने वाले उम्मीदवार कद-काठी, लुक, स्मार्टनेस या बोलचाल में आपसे बढ़ कर हैं। यह जरूरी नहीं कि जो व्यक्ति आपसे ज्यादा स्मार्ट नजर आ रहा है, वह अपनी बात भी उतनी ही स्मार्टनेस के साथ रखेगा। जीडी में सफलता पूरी तरह से टाइमिंग, आत्मविश्वास, विचारों की स्पष्टता, प्रेजेंटेशन और सही टेक्निक पर निर्भर करती है, न कि इस बात पर कि आप कैसे दिखते हैं।

दूसरों की बात न काटें::::::
ग्रुप डिस्कशन में हर कोई बहुत ही आक्रामक तरीके से अपनी बात रखता है, लेकिन यहां एक सीमा में रह कर ही आक्रामक होना चहिए। सामने वाला व्यक्ति अगर गलत बोल रहा है तो इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप उस पर हावी हो जाएं या आक्रोश में अनाप-शनाप बोलने लगें। यदि किसी व्यक्ति ने बड़ी ही मजबूती के साथ अपना पक्ष रखा है तो उस व्यक्ति की बातों को सीधे-सीधे काटना या उसे गलत ठहराना उचित नहीं है। ऐसा व्यवहार करना शिष्टाचार और अनुशासन के भी खिलाफ है। ऐसी परिस्थिति में आप कह सकते हैं कि इस मुद्दे पर मेरा नजरिया आपसे अलग है। फिर अपने दिमाग की रचनात्मकता का प्रयोग करते हुए अपने विचारों को रखें। इस दौरान उन पहलुओं पर भी प्रकाश डालें, जहां आपका नजरिया पहले बोलने वाले उम्मीदवारों की बातों से अलग हो। ऐसा करने से सामने वाले को बुरा भी नहीं लगेगा और जीडी की निर्णायक मंडली की नजर में आपका प्रदर्शन भी बेहतर हो जाएगा।

बातों को न दोहराएं:::::
अपनी बारी आने पर दूसरों की कही बातों को दोहराना हमेशा नकारात्मक प्रभाव छोड़ता है। इससे नियोक्ताओं को लगता है कि आप वही विचार रख रहे हैं, जिसे वह कुछ समय पहले ही सुन चुके हैं। जीडी का उद्देश्य किसी विषय या मुद्दे पर नए तथ्यों और नए नजरिए को सामने लाना होता है। अगर आपके बोलने से यह उद्देश्य ही पूरा नहीं होगा तो निश्चित रूप से आपका बोलना व्यर्थ हो जाएगा।

उतावलापन न दिखाएं:::::
ग्रुप डिस्कशन में नियोक्ताओं पर अपना प्रभाव डालने के लिए यह जरूरी नहीं कि डिस्कशन में सबसे पहले बोला जाए। पहले नंबर पर बोलने की हड़बड़ी में मन में जो आए, उसे बिना सोचे-विचारे बोलना भी नकारात्मक प्रभाव छोड़ता है। ध्यान रहे यहां घबराहट में कुछ भी या ज्यादा बोलना हमेशा ही आपके प्रदर्शन के प्रतिकूल होता है, इसलिए ऐसा करने से बचना चाहिए। इसके अलावा कुछ लोग अपनी बात कहने में इतना उतावलापन दिखाते हैं कि अकसर मुद्दे से भटक जाते हैं। जीडी में जितना हो सके, कम शब्दों में, स्पष्ट और प्रभावशाली ढंग से अपनी बात को रखें। इससे दूसरे उम्मीदवारों को आपकी बातों को काटने के लिए कोई ठोस आधार नहीं मिल सकेगा।
कैसे रहेंगे एक कदम आगे::::
जीडी में कैसे बोलना है, क्या बोलना है, उसकी तैयारी तो सभी करके आते हैं, लेकिन उन जरूरी बिन्दुओं को भूल जाते हैं, जहां फोकस कर दूसरों से रेस में आगे निकला जा सकता है। जीडी के दौरान नियोक्ताओं की नजर इस बात पर रहती है कि आप नए तथ्यों को कैसे रखते हैं, बातों में नए पहलू कैसे तलाशते हैं, कैसे डिस्कशन को सही दिशा देते हैं और किस तरह कई लोगों के बीच अपनी बात पर आम राय बनवाते हैं। जब आप यह सब करने में सफल होते हैं तो इसके अतिरिक्त अंक मिलते हैं। यह सब आपकी बेहतरीन तार्किक क्षमता को भी दर्शाता है। नियोक्ताओं के बीच अपनी बुद्धिमत्ता का लोहा मनवाने के लिए दिए गए टॉपिक में एक नए नजरिया और नए मुद्दे का सृजन करना बहुत जरूरी है।

सफलता मिलेगी ऐसे:::::
जीडी में यह मानकर जाएं कि यहां आप कुछ खोने नहीं जा रहे हैं। जीडी में इस सोच के साथ जाएं कि यदि सफल रहे तो बहुत अच्छा, पर यदि असफल रहे तो भी कुछ अनुभव लेकर तो जरूर लौटेंगे। यही सोच और आत्मविश्वास आपको सफलता दिलाएंगे।

देश-दुनिया की खबर:::::
जीडी में अकसर करंट अफेयर्स के टॉपिक होते हैं। इसलिए बीते कुछ समय में देश-दुनिया में क्या कुछ घटा है या फिर क्या कुछ घट रहा है, इसकी पूरी और सही जानकारी रखें। साथ ही उस मुद्दे के संदर्भ में अपनी एक राय भी बना लें। जीडी में जाने से दस दिन पहले की खबरों पर खास नजर रख कर आप बड़े आराम से जीडी में सफल हो सकते हैं।

सक्रिय रहें:::::
जीडी में सफल होने के लिए आपका प्रोएक्टिव यानी सक्रिय होना बहुत आवश्यक है। कोशिश करें कि डिस्कशन की शुरुआत और उसके समापन का मौका आपको ही मिले।

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हॉकी टेस्ट : भारत-आस्ट्रेलिया सीरीज का अंतिम मैच आज

रायपुर, एजेंसी

भारत और आस्ट्रेलिया की हाकी टीमों के बीच जारी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच सोमवार को राजधानी रायपुर के नवनिर्मित सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा।

राजनांदगांव में खेले गए पहले मैच में भारत को जीत के करीब पहुंचकर भी ड्रा से संतोष करना पड़ा था जबकि दूसरे मैच में आस्ट्रेलिया ने पिछड़ने के बावजूद 2-1 से जीत दर्ज की थी।

यह मैच शाम 6.3० बजे से खेला जाएगा और इसका सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स पर होगा। इस सीरीज के बाद दोनों टीमें हाकी वर्ल्ड लीग (एचडब्ल्यूएल) में हिस्सा लेंगी। इस लीग में भारत और आस्ट्रेलिया सहित कुल आठ टीमें शरीक होंगी। लीग का आयोजन 27 नवम्बर से छह दिसम्बर तक होना है।

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जोकोविक ने लगातार चौथी बार जीता एटीपी फाइनल्स खिताब

लंदन

विश्व के शीर्ष वरीयता प्राप्त सर्बियाई टेनिस स्टार नोवाक जोकोविक ने रविवार को हुए एटीपी वर्ल्ड टूर फाइनल्स टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में स्विट्जरलैंड के स्टार खिलाड़ी रोजर फेडरर को हराकर खिताबी जीत हासिल की।

जोकोविक का यह लगातार चौथा एटीपी फाइनल्स खिताब है। यह उनका कुल पांचवां खिताब  है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, 28 वर्षीय सर्बिया स्टार खिलाड़ी टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज मुकाबले में फेडरर से हार झेल चुके थे, लेकिन उन्होंने रविवार को फाइनल मुकाबले में फेडरर को केवल 8० मिनटों में 6-3, 6-4 से मात देकर खिताब अपने नाम किया।

जोकोविक का यह इस सत्र का 11वां खिताब है, जिसमें तीन ग्रैंड स्लैम खिताब शामिल हैं। इस सत्र में उन्होंने 88 मैच खेले और 82 में जीत हासिल की है। खिताब जीतने के बाद जोकोविक ने कहा, ”इस उपलब्धि के लिए मुझे बहुत गर्व है। इससे बेहतर सत्र हो ही नहीं सकता था। यह मेरे जीवन का सबसे अच्छा सत्र रहेगा।”

जोकोविक ने सबसे यह खिताब साल 2००8 में जीता था। पांच एटीपी फाइनल्स खिताब के साथ जोकोविक ने इवांन लेंडल को पीछे छोड़ दिया है। फेडरर ने कहा, ”हार में कोई मजा नहीं है, लेकिन यह सप्ताह अच्छा था। मैच में काफी अवसर मिले थे, लेकिन जोकोविक इस जीत के योग्य हैं।”

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