रियो ओलम्पिक (बैडमिटन) : सिंधु ने जीता भारत के लिए पहला रजत पदक

रियो डी जनेरियो, 19 अगस्त| भारत की अग्रणी महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु ने यहां 31वें ओलम्पिक खेलों मे रजत पदक जीतकर देश को दूसरा पदक दिलाया। उन्हें शुक्रवार को महिला एकल वर्ग के फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन ने मात देकर स्वर्ण पदक हासिल किया। सिंधु को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

2016 Rio Olympics - Badminton - Women's Singles - Victory Ceremony - Riocentro - Pavilion 4 - Rio de Janeiro, Brazil - 19/08/2016. Gold medallist Carolina Marin (ESP) of Spain, silver medallist P.V. Sindhu (IND) of India and bronze medallist Nozomi Okuhara (JPN) of Japan pose together. REUTERS/Marcelo del Pozo FOR EDITORIAL USE ONLY. NOT FOR SALE FOR MARKETING OR ADVERTISING CAMPAIGNS.

 

Rio Olympics – Badminton – Women’s Singles

 

रियोसेंटर पवेलियन-4 में खेले गए मुकाबले में विश्व की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला खिलाड़ी मारिन ने सिंधु को 19-21, 21-12, 21-15 से मात देकर स्वर्ण पदक हासिल किया।

सिंधु का यह पहला ओलम्पिक था और उन्होंने अपने पहले ओलम्पिक में इतिहास रच दिया। वह फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। साथ ही बैडमिंटन में भारत को रजत पदक दिलाने वाली भी पहली खिलाड़ी हैं। इससे पहले लंदन ओलम्पिक 2012 में पांचवीं वरीयता प्राप्त सायना नेहवाल ने देश को बैडमिंटन में पहला पदक दिलाया था। उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया था।

मारिन ने पहला गेम हारने के बाद लगातार दो गेम जीतकर स्वर्ण जीता।

सोने की उम्मीद लेकर मैदान पर उतरी सिंधु ने स्पेनिश खिलाड़ी को अच्छी टक्कर दी। मारिन ने पहले गेम की अच्छी शुरुआत की और 4-2 से बढ़त ले ली। सिंधु गेम की शुरुआत में मारिन के खेल को समझ नहीं पाईं और इसी का फायदा उठाते हुए मारिन ने 11-16 से बढ़त ले ली।

ब्रेक के बाद सिंधु ने तीन अंक हासिल किए और स्कोर 9-13 कर दिया। वह अभी भी स्पेनिश खिलाड़ी से पीछे थीं। 10वीं वरीयता प्राप्त सिंधु ने यहां से जबरदस्त खेल दिखाया और अंक हासिल करती रहीं। एक समय वह 16-17 से पीछे थीं। यहां उनके पास बराबरी करने का मौका आया, लेकिन सिंधु ने इसे गंवा दिया। मारिन 18-16 से आगे हो गईं।

भारतीय खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और तीन अंक लेते हुए स्कोर 19-19 से बराबर कर लिया। गेम जीतने के करीब सिंधु ने कोई मौका नहीं गंवाया और लगातार दो अंक हासिल करते हुए 21-19 से पहला गेम जीता। यह गेम 27 मिनट तक चला।

आखिरी के दो गेम स्पेनिश खिलाड़ी के विश्वस्तरीय खेल का बेहतरीन नमूना थे। दूसरे गेम में मारिन ने एकतरफा जीत हासिल की। मारिन ने लगातार चार अंक हासिल किए और 4-0 से आगे हो गईं। सिंधु ने एक अंक हासिल कर वापसी की कोशिश की, लेकिन मारिन ने तब तक स्कोर 11-2 कर दिया।

इस गेम में सिंधु के पास मारिन के लाजबाव शॉट्स का उत्तर नहीं था और वह उनके सामने कहीं टिक नहीं पा रहीं थीं।

हालांकि, सिंधु ने हार नहीं मानी और कुछ अंक हासिल किए, लेकिन तब तक काफी देर हो गई थी। मारिन ने 15-7 से बढ़त ले ली जिसे कायम रखते हुए उन्होंने 21-12 से गेम अपने नाम किया और मुकाबला तीसरे गेम में ले गईं। यह गेम 22 मिनट तक चला।

तीसरे और निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। मारिन एक बार फिर सिंधु पर हावी हो गईं और देखते देखते 6-1 से बढ़त ले ली, जिसे उन्होंने कुछ देर में ही 9-4 कर दिया।  लग रहा था कि यह गेम भी दूसरे गेम की तरह एकतरफा साबित होगा, लेकिन तभी सिंधु ने लगातार चार अंक हासिल करते हुए स्कोर 9-8 किया और फिर 10-10 से बराबरी कर ली।

यहां से स्पेनिश खिलाड़ी ने अपने आक्रामक खेल को और धार दी और सिंधु को पेरशान किया। सिंधु के पास मारिन की चालाकी और तेजी का कोई जवाब नहीं था। देखते-देखते वह 15-11 से आगे हो गईं।  सिंधु ने अंकों के अंतर को पाटने और आगे निकलने का भरसक प्रयास किया लेकिन अंतत: वह 31 मिनट तक चले इस गेम में 21-15 से हार बैठीं और स्वर्ण जीतने का मौका उनके हाथ से फिसल गया।

मैच के बाद सिंधु ने कहा, “मुझे गर्व है कि मैं ओलम्पिक में रजत पदक जीत सकी। हां, स्वर्ण इससे काफी बेहतर होता, लेकिन मैं अच्छा खेली।”

उन्होंने कहा, “शुरुआत में मैंने नहीं सोचा था कि मैं पदक जीत पाऊंगी, लेकिन जब मैं पदक की दौड़ में आई तो मेरा लक्ष्य अच्छा खेलना था, जोकि मैंने किया। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल खेला।” विश्व की 10वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने कहा, “मेरी प्रतिद्वंद्वी ने भी शानदार खेल खेला। मैंने उन सभी रणनीतियों को अपनाया जिनके बारे में हमने चर्चा की थी। मैं रजत पदक जीत कर काफी खुश हूं।”

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रियो ओलम्पिक: नरसिंह का सपना टूटा, सीएएस ने 4 साल के लिए लगाया बैन

रियो डी जनेरियो, 19 अगस्त| विश्व की सबसे बड़ी खेल अदालत-कोर्ट फॉर अर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (सीएएस) ने गुरुवार को लम्बी सुनवाई के बाद भारतीय पहलवान नरसिंह यादव को डोपिंग मामले में क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ दायर विश्व डोपिंग निरोधी एजेंसी (वाडा) की अपील को स्वीकार कर लिया है।

World Anti-Doping Agency

World Anti-Doping Agency

वाडा ने अपनी अपील में नरसिंह को राष्ट्रीय डोपिंग निरोधी एजेंसी (नाडा) द्वारा क्लीन चिट दिए जाने को गलत करार दिया था और उन पर प्रतिबंधित दवाओं के सेवन को लेकर चार साल का प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। अब जबकि सीएएस ने वाडा की अपील स्वीकार कर ली है, नरसिंह का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। वह अब रियो ओलम्पिक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

रियो में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख राकेश गुप्ता ने सुनवाई के बाद आईएएनएस से कहा, “यह बेहद दुखद: और दुर्भाग्यपूर्ण है। हम सुनवाई के अंतिम चरण तक आशान्वित थे। हमें उम्मीद थी कि नरसिंह को क्लीन चिट मिल जाएगा लेकिन ऐसा हो नहीं सका। यह बेहद दुखदाई है क्योंकि नरसिंह में पदक जीतने की क्षमता है।”

सीएएस के एडहॉक डिविजन ने गुरुवार को यहां वाडा की अपील पर सुनवाई के लिए बैठक की और उन पर चार साल का प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। नाडा ने बीते महीने नरसिंह को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के आरोपों से मुक्त किया था और इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती महासंघ ने नरसिंह को ओलम्पिक में हिस्सा लेने की अनुमति प्रदान की थी।

नाडा ने कहा था कि नरसिंह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी की साजिश का शिकार हुए हैं लेकिन सीएएस ने इसे नकार दिया और अपने बयान में कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि नरसिंह ने जो किया है वह अनजाने में हुआ है और इन सबमें उनका कोई दोष नहीं है। ऐसे में उन पर तयशुदा चार साल का प्रतिबंध लगाया जाता है।

उल्लेखनीय है कि 25 जून और पांच जुलाई को लिए गए सैंपलों के आधार पर नाडा ने नरसिंह को प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन का आरोपी करार दिया था लेकिन नरसिंह ने कहा था कि उन्हें फंसाया गया है।  इसके बाद नाडा ने एक लम्बी सुनवाई के बाद नरसिंह को आरोपमुक्त कर दिया था। वाडा ने इसी के खिलाफ सीएएस में अपील की थी, कि आखिरकार डोप में फंसे एक खिलाड़ी के इस तरह कैसे क्लीन चिट दी जा सकती है, जबकि उसके पास पाक-साफ होने का कोई सबूत नहीं है।

सीएएस ने अपने बयान में कहा, “इस मामले को देख रही सीएएस की पैनल ने सभी पक्षों और उनके प्रतिनिधियों की दलीलें सुनीं। सभी पक्षों को इस बात की सूचना दे दी गई कि नरसिंह के खिलाफ दायर अपील को स्वीकार कर लिया गया है और नरसिंह पर चार साल का प्रतिबंध लगाया गया है। प्रतिबंध गुरुवार से मान्य हो गया है।”

सीएएस के इस बयान का मतलब है कि अब नरसिंह ओलम्पिक या किसी अन्य अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में हिस्सा लेने के योग्य नहीं रह गए हैं। सीएएस ने साथ ही यह भी कहा कि 25 जून 2016 के बाद दर्ज नरसिंह के सभी प्रतियोगी परिणामों को रद्द किया जाता है।

वाडा ने ऐसे समय में नरसिंह को लेकर दिए गए नाडा के फैसले को लेकर सीएएस जाने का फैसला किया, जब उनके मुकाबले में दो दिन शेष रह गए थे। नरसिंह को शुक्रवार को 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल मुकाबले में फ्रांस के जेलिमखान खादिजेव से भिड़ना था और इसके लिए गुरुवार को दोनो खिलाड़ियों का वजन भी किया गया था।

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प्रतिद्वंद्वी से हाथ न मिलाने पर स्वदेश भेजे गए मिस्र जूडो खिलाड़ी

रियो डी जनेरियो, 16 अगस्त (आईएएनएस)| मिस्र के एक जूडो खिलाड़ी को अपने इजरायल के प्रतिद्वंद्वी से हाथ न मिलाने के मामले पर वापस घर भेज दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) ने यह बात कही।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आईओसी ने सोमवार को बताया कि इस्लाम एल शेहाबी की शुक्रवार को हुए मुकाबले के बाद अपने प्रतिद्वंद्वी के साथ किए गए अभद्र व्यवहार के लिए आलोचना की जा रही है।

Egypt's Islam El Shehaby reacts after losing to Israel's Or Sasson, during the men's over 100-kg judo competition at the 2016 Summer Olympics in Rio de Janeiro, Brazil, Friday, Aug. 12, 2016. (AP Photo/Markus Schreiber)

Egypt’s Islam El Shehaby reacts after losing to Israel’s Or Sasson(AP Photo/Markus Schreiber)

शेहाबी शुक्रवार को हेवीवेट मुक्केबाजी स्पर्धा में ओर सासोन से हार गए थे और उन्होंने मैच के अंत में अपने प्रतिद्वंद्वी से हाथ मिलान से इनकार कर दिया।

रेफरी ने 34 वर्षीय शेहाबी को वापस आकर सासोन से सम्मानजनक व्यवहार करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया।

आईओसी ने अपने बयान में कहा कि मिस्र के खिलाड़ी का व्यवहार पारदर्शी खेल के नियमों के विपरीत और साथ ही ओलंपिक मूल्यों में सन्निहित दोस्ती की भावना के खिलाफ था।

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रियो ओलम्पिक (मुक्केबाजी) : विकास ने तुर्किश प्रतिद्वंद्वी को हराया

रियो डी जनेरियो, 13 अगस्त (आईएएनएस)| भारत के मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव ने शुक्रवार को अपने दूसरे मुकाबले में तुर्किश मुक्केाज ओंडेस सिपाल को हरा दिया। विकास की 75 किलोग्राम (मिडिलवेट) वर्ग में यह दूसरी जीत है।

हरियाणा के विकास ने तीन राउंड तक चले मुकाबले में 30, 27, 29-28, 29-28 से बाजी मारी।

 

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बार्सिलोना, 13 अगस्त (आईएएनएस)| लियोनेल मेसी ने फिर से अपने देश अर्जेटीना के लिए खेलने की घोषणा कर दी है। मेसी ने जून में संन्यास ले लिया था। आज की तारीख में दुनिया के बेहतरीन फुटबाल खिलाड़ी माने जाने वाले मेसी के इस फैसले से दुनिया भर में उनके प्रशंसकों और देशवासियों के बीच खुशी है।

मेसी ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा, “मैं देख रहा हूं कि अर्जेटीना फुटबाल में कई समस्याएं हैं और मैं इन समस्याओं को और नहीं बढ़ाना चाहता। मेरा लक्ष्य नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि मदद करना है।”

मेसी ने इस साल जून में कोपा अमेरिका के फाइलन में अपनी टीम को चिली के हाथों मिली हार के बाद संन्यास की घोषणा कर दी थी।

इसके बाद अर्जेटीना और दुनिया में बसे मेसी के प्रशंसकों ने उनसे वापसी का अनुरोध किया था। यहां तक की महान फुटबालर पेले और डिएगो मैराडोना ने भी मेसी से राष्ट्रीय टीम में लौट जाने को कहा था।

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रुपिंदर ने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में छूआ 150 मैचों का कीर्तिस्तंभ

रियो डी जनेरियो, 11 अगस्त (आईएएनएस)| ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलम्पिक खेलों के छठे दिन गुरुवार को भारतीय पुरुष हॉकी टीम को नीदरलैंड्स के हाथों ग्रुप मुकाबले में 1-2 से हार झेलनी पड़ी, लेकिन भारतीय टीम के सदस्य रुपिंदर पाल सिंह ने जरूर एक नई उपलब्धि हासिल कर ली। रियो ओलम्पिक में अब तक भारत के लिए तीन गोल कर चुके ड्रैग फ्लिकर विशेषज्ञ रुपिंदर ने गुरुवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ मैदान पर उतरने के साथ अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में 150 मैचों का कीर्तिस्तंभ छू लिया।

पंजाब के फरीदकोट के निवासी रुपिंदर का यह पहला ओलम्पिक है। रुपिंदर ने मई, 2010 में मलेशिया के आइपोह में हुए सुल्तान अजलान शाह कप से अंतर्राष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका अदा की।

पदार्पण के अगले वर्ष ही रुपिंदर ने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में अपना पहला हैट्रिक लगाया। सुल्तान अजलान शाह कप-2011 में रुपिंदर ने ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की। वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी भी रहे।

रुपिंदर ने एक बार फिर 2013 में सुल्तान अजलान शाह कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी का अवार्ड हासिल किया। इसी वर्ष रुपिंदर ने एशिया कप में भारत के लिए सर्वाधिक छह गोल दागे और भारत को रजत पदक दिलवाया।

राष्ट्रमंडल खेलों-2014 में रजत पदक हासिल करने वाली भारतीय टीम में भी रुपिंदर की भूमिका बेहद अहम रही। उन्हें विश्व कप-2014 के लिए उप-कप्तान बनाया गया। रुपिंदर एशियन खेलों-2014 में स्वर्ण जीतने वाली और एफआईएच हॉकी लीग-2015 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी अहम हिस्सा रहे।

रुपिंदर की इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया (एचआई) के महासचिव मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने एक वक्तव्य जारी कर उन्हें बधाई दी।

मुश्ताक अहमद ने कहा, “रुपिंदर रियो में बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और पिछले कई वर्षो से भारतीय टीम का अहम हिस्सा बने हुए हैं। भारत के लिए 150वां मैच खेलने की उन्हें बधाई और रियो में आगामी मैचों के लिए शुभकामनाएं।”

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डोपिंग में फंसे एथलीट इंदरजीत ने प्रधानमंत्री से मांगी मदद

मुंबई, 11 अगस्त (आईएएनएस)| डोपिंग के आरोपों के चलते रियो ओलम्पिक के लिए उड़ान न भर पाने वाले गोला फेंक खिलाड़ी इंदरजीत सिंह ने गुरुवार को अपने निर्दोष होने की दुहाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी। इंदरजीत ने प्रधानमंत्री से अपने मामले में दखल देने को कहा है ताकि वह ओलम्पिक खेलों में हिस्सा ले सकें।

इंचियोन में हुए एशियन खेलों-2014 में कांस्य पदक दिलाने वाले इंदरजीत रियो ओलम्पिक खेलों में क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी थे, लेकिन डोपिंग के संदेह के चलते वह रियो नहीं जा सके।

इंदरजीत 22 जून को हुए डोप टेस्ट में असफल साबित हुए थे। वह दो प्रतिबंधित पदार्थो एंड्रोस्ट्रोने और इटीछोलानओलोने के सेवन के दोषी पाए गए हैं।

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने इंदरजीत से जल्द से जल्द दूसरे नमूने की जांच कराने को कहा था और इंदरजीत दूसरे नमूने की जांच में भी डोपिंग के दोषी पाए गए।

विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के नए नियम के मुताबिक इंदरजीत पर चार साल का प्रतिबंध भी लग सकता है।

इंदरजीत ने हालांकि कहा है कि वह निर्दोष हैं और उनके खिलाफ साजिश की गई है।

इंदरजीत ने एक बयान में कहा, “जिस डोपिंग के आरोप में मैं फंसा हूं उसके कारण मुझे मानसिक अशांति झेलनी पड़ रही है। उम्मीद करता हूं कि मैं खुद को निर्दोष साबित कर पाऊंगा। मैंने पहले दिन से कहा है कि मेरे खिलाफ साजिश की गई है और कुछ ऐसी चीजें भी सामने आई हैं जिससे यह साफ पता भी चल रहा है।”

उन्होंने कहा, “एक ही नमूने की रिपोर्ट में विरोधाभास है। पहले कहा गया था कि मेरा 29 जून को जो डोप टेस्ट हुआ है वह नकारात्मक रहा है और बाद में कहा गया कि वह सकारात्मक है।”

उन्होंने कहा, “मैंने पिछले 15 साल में यहां तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत की है। अब मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करता हूं कि वह इस मामले में दखल दें और मुझे जल्द से जल्द रियो जाने दें। मेरी स्पर्धा 18 अगस्त को है और मैं ओलम्पिक खेलों में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के मौके को गंवाना नहीं चाहता।”

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रियो ओलम्पिक (टेनिस) : सानिया-बोपन्ना क्वार्टर फाइनल में पहुंचे

रियो डी जनेरियो, 12 अगस्त (आईएएनएस)| सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना की भारतीय जोड़ी ने रियो ओलम्पिक में जीत के साथ शुरुआत करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। सानिया और बोपन्ना ने पहले दौर में आस्ट्रेलिया की समांथा स्टोसुर और जोनाथन पीयर्स की जोड़ी को हराया।

भारतीय जोड़ीदारों ने खेल की शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखते हुए यह मैच 7-5, 6-4 से जीता और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

यह मुकाबला एक घंटे 13 मिनट चला।

यह मैच बुधवार को खेला जाना था लेकिन भारी बारिश के कारण उस दिन कई मुकाबले गुरुवार तक के लिए टालने पड़े थे।

अगले दौर में सानिया और बोपन्ना का सामना ब्रिटेन के एंडी मरे और हीदर वॉटसन से होगा। यह मुकाबला गुरुवार को होगा।

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रियो ओलम्पिक (हॉकी) : क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का लक्ष्य लेकर उतरेगा भारत

रियो डी जनेरियो, 11 अगस्त (आईएएनएस)| रियो ओलम्पिक में अपने दूसरे पूल मैच में अर्जेटीना को हराने वाली जोश से लबरेज भारतीय पुरुष हॉकी टीम आज नीदरलैंड्स के खिलाफ होने वाले अपने अगले मैच में क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का लक्ष्य लेकर मैदान पर उतरेगी। ब्राजील में खेले जा रहे ओलम्पिक में भारत ने आयरलैंड को हरा जीत के साथ शुरुआत की थी, लेकिन दूसरे ही मैच में मौजूदा चैम्पियन जर्मनी ने भारत को अंतिम क्षणों में न भूलने वाली हार दी। हालांकि भारत ने अगले मैच में अर्जेटीना को 2-1 से हराते हुए प्रतियोगिता में वापसी कर ली है।

अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला हॉकी की दिग्गज टीमों में शुमार नीदरलैंड्स से है। भारतीय टीम ने तीनों मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अंतिम क्षणों में रक्षापंक्ति में उसकी कमजोरी तीनों मैचों में देखी गई है।

कोच रोएलेंट ओल्टमैंस और कप्तान श्रीजेश ने इस पर बेशक ध्यान दिया होगा और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीम के खिलाफ वह ऐसी गलती दोहराना नहीं चाहेंगे।

Rio De Janeiro: Captain of Indian Hockey team PR Sreejesh (C) with team mates after winning the match against Ireland at the games village in Rio de Janeiro on Aug. 6, 2016. (Photo: S. Sukumar/IANS)

Rio De Janeiro: Captain of Indian Hockey team PR Sreejesh (C) with team mates after winning the match against Ireland at the games village in Rio de Janeiro on Aug. 6, 2016. (Photo: S. Sukumar/IANS)

वहीं भारतीय आक्रमण पंक्ति ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अर्जेटीना के खिलाफ उन्होंने कई मौके गंवाए। नीदरलैंड्स के खिलाफ उन्हें ऐसा करने से बचना होगा।

श्रीजेश भी जानते हैं कि नीदरलैंड्स के खिलाफ एक भी गलती भारी पड़ सकती है और टीम के सपने को तगड़ा झटका लग सकता है।

अर्जेटीना के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद श्रीजेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था, “नीदरलैंड्स विश्व की शीर्ष टीमों में से एक है और उनके खिलाफ जीत हमें आत्मविश्वास देगी। हमारे लिए जरूरी है कि हम अपनी लय बरकरार रखें।”

उन्होंने कहा, “वह अच्छी टीम है और उनके खिलाफ अच्छा करने के लिए हमें मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत रहना पड़ेगा।”

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रियो ओलम्पिक (मुक्केबाजी) : मनोज ने बनाई अंतिम-16 में जगह

रियो डी जनेरियो, 11 अगस्त (आईएएनएस)| भारतीय मुक्केबाज मनोज कुमार गुरुवार को यहां जारी 31वें ओलम्पिक खेलों में 64 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। मनोज ने लाइट वेल्टरवेट वर्ग में लिथुआनिया के इवालडास पेट्राउास को हराया।

इवालडास ने लंदन ओलम्पिक में कांस्य पदक जीता था। मनोज ने बेहतरीन प्रदर्शन कर उनके खिलाफ 29-28, 29-29, 28-29 से जीत हासिल की।

अगले दौर में मनोज का सामना उजबेकिस्तन के फजलुद्दीन जी. से होगा। फजलुद्दीन ने अपने पहले मुकाबले में कोंगो के मालोंगा डी. को पराजित किया। रेफरियों ने यह मैच बीच में ही रोक दिया।

मनोज ने मुकाबले के बाद कहा, “मेरा विपक्षी खिलाड़ी काफी मजबूत था लेकिन मेरे मुक्कों में दम था। मैंने उसके मुक्कों के हिसाब से अपने खेल में तब्दीली की।”

भारतीय टीम के कोच गुरचरण सिंह संधू ने मनोज के प्रदर्शन को सराहा। सिंह ने कहा, “मनोज का विपक्षी पावर पंचर है लेकिन मनोज ने खुद को उससे दूर बनाए रखा। वह जब भी उसके करीब गया, उसने अपने विपक्षी खिलाड़ी पर जोरदार प्रहार किए। मनोज ने शानदार खेल दिखाया।”

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