मुसलमानों के समर्थन में उतरे मार्क जकरबर्ग

मुसलमानों के समर्थन में उतरे मार्क जकरबर्ग

नई दिल्ली/वाशिंगटन । फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने अपने स्टेटस अपडेट में पेरिस हमले के बाद मुसलमानों के प्रति बदलते नज़रिए के प्रति चिंता दिखाते हुए मुसलमानों को अपना साथ देने की बात कही। जकरबर्ग ने फेसबुक पर लिखा कि एक यहूदी होते हुए मुझे हमेशा किसी भी समुदाय पर हो रहे हमलों के खिलाफ खड़े होना सिखाया गया है। ये हमले भले ही आज आप पर नहीं हो रहे लेकिन किसी की भी आजादी पर होने वाले ये हमले भविष्य में सभी को नुकसान पहुचाएंगे। मार्क ने अपने स्टेटस में मुसलमानों के खिलाफ बढ़ती नफरत के प्रति अपनी चिंता जताई है।

पूरी दुनिया के मुसलमानो को अपना समर्थन देते हुए उन्होने कहा कि फेसबुक के मंच पर आपका हमेशा स्वागत है। मैं आपके हक के लिए हमेशा लड़ूंगा और आपके लिए शांतिपूर्ण माहौल बनाने की कोशिश करूंगा।जब तक हम सब साथ है हमें उम्मीद नहीं खोनी चाहिए ।

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मधुर संबंधों का पैगाम लेकर आई हूं…

इस्लामाबाद ।  हार्ट आफ एशिया सम्मेलन में भाग लेने इस्लामाबाद पहुंची भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान को परिपक्वता के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने की ज़रूरत है। उन्होने क्षेत्रीय व्यापार और संबंधों के लिए आत्मविश्वास और परिपक्वता को वक्त की ज़रूरत बताया।

अफगानिस्तान के हालात पर चिंता ज़ाहिर करते हुए सुषमा ने कहा कि  ‘अफगानिस्तान को सबसे अधिक ख़तरा आतंकवाद से है न कि जातीय और कबायली प्रतिद्वंदिता  से ‘  सुषमा ने भारत की विकास के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ सहयोग करने को तैयार है लेकिन कम से कम इस वक्त इस सम्मेलन में हम अफगानिस्तान की मदद का संकल्प ले सकते है.।

2016 में भारत में आयोजित होने वाले हार्ट आफ एशिया सम्मेलन के लिए उन्होने मंत्रियों को भारत आने का आमंत्रण भी दिया।

आपको बता दें कि मोदी सरकार में किसी भी मंत्री का यह पहला पाकिस्तान दौरा है।इससे पहले 2012 मे यूपीए सरकार के तत्कालीन विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा ने पाकिस्तान की यात्रा की थी। अपने दो दिवसीय दौरे में सुषमा ने कल रात्रिभोज में पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलादकार सरताज़ अज़ीज से मुलाकात की, अपनी इस मुलाकात में दोनो नेताओं ने गर्मजोशी से एक दूसरे का अभिवादन किया ।

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लंदन। यह बात बेहद हैरान करने वाली है कि व्यक्तिगत रूप से की गई देखभाल डायबिटिक पीड़ित महिलाओं में मृत्यु दर को कम करता है। एक नए अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ।

महिलाओं पर किए गए 13 साल के सर्वेक्षण में सामने आया कि जिन महिलाओं की व्यक्तिगत तौर पर देखभाल की गई, उनमें अन्य कारणों को लेकर मृत्यु दर में 26 फीसदी की कमी और मधुमेह संबंधी रोग में 30 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

इसके अलावा, व्यक्तिगत देखभाल के तहत महिलाओं में हृदयाघात की संभावना 41 प्रतिशत कम हुई और मधुमेह के साथ ही दूसरा रोग होने के खतरे में 35 फीसदी की कमी देखी गई।

डेनमार्क के कोपनहेगेन यूनिवर्सिटी के मुख्य शोधार्थी मारलिनी क्रैग के अनुसार, ‘‘व्यक्तिगत ढंग से देखभाल, समुचित ध्यान और समर्थन महिलाओं को बीमारी से लड़ने के लिए प्रोत्साहत करता है।’’

महिलाओं को बीमारी आसानी से हो जाती है और उससे निपटने के लिए वे जल्द ही तैयार हो जाती हैं। यही प्रवृत्ति लंबे समय तक परिणामों को प्रभावित करती है।

वहीं दूसरी ओर पुरुषों में उनका पुरुषत्व ग्रसित धारणा और जीवनशैली में परिवर्तन की मांग मधुमेह को चुनौती देती रहती है। यह संरचित व्यक्तिगत देखभाल पुरुषों पर कोई खास असर नहीं करती है।

साल 1989 से 1995 के बीच डेनमार्क में मधुमेह के मूल इलाज के सामान्य परीक्षण के दौरान इलाज में हस्तक्षेप कर मरीजों (पुरुषों और महिलाओं) को संरचित व्यक्तिगत देखभाल दी गई। जिसके बाद एक नई टाइप 2 डायबिटीज (मधुमेह) सामने आया।

इस हस्तक्षेप करने वाले समहू ने रोगियों में खानपान और शारीरिक गतिविधियों पर जोर देने, समय पर दवाओं का सेवन करने और प्रत्येक रोगी को अलग कार्यों के लक्ष्य दिए। इसकी हर तीन महीनों में समीक्षा की गई।

13 सालों तक हुए इस अध्ययन से सामने आया कि व्यक्तिगत देखभाल मरीजों पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। लेकिन इससे पुरुष नहीं केवल महिलाएं ही प्रभावित होती हैं ।

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अमेरिकाः पार्टी कर रहे लोगों पर फायरिंग

न्यू आर्लियन्स (अमेरिका)

न्यू ऑर्लियन्स पुलिस ने कहा कि एक पार्क में गोलीबारी में कम से कम 10 लोग घायल हो गए। पुलिस के प्रवक्ता टेलर गैम्बल ने बताया कि न्यू ऑर्लियन्स के 9वें वार्ड में बनी फ्रैंड पार्क में भीड़ थी और उसी दौरान गोली चलने की आवाज सुनाई दी।

उन्होंने बताया कि एम्बुलेन्स में डाल कर दस लोगों को अस्पताल ले जाया गया। पुलिस को बताया गया कि अन्य लोगों को निजी वाहनों से ले जाया गया है।

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गैम्बल ने बताया कि जांचकर्ताओं को यह मालूम नहीं है कि घायलों की स्थिति कैसी है या गोलीबारी क्यों हुई। उन्होंने कहा कि समीपवर्ती इलाके में आयोजित एक परेड में हिस्सा लेने वाले लोग थे। एक वीडियो देख रहे और इसमें हिस्सा ले रहे लोग भी वहां मौजूद थे।

वीडियो पार्क के उपयोग की अनुमति लिए बिना बनाया जा रहा था।

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छावनी में बदला ब्रसेल्स

पेरिस हमले के आरोपी की तलाश में छापेमारी, 16 संदिग्ध गिरफ्तार
ब्रुसेल्स, एजेंसियां
बेल्जियम पुलिस ने पेरिस में हुए जानलेवा हमलों के एक संदिग्ध हमलावर सालेह अब्दुस सलाम की तलाश में राजधानी में कई जगह छापे मारे और इस दौरान 16 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।

उल्लेखनीय है कि पेरिस हमले की तर्ज पर राजधानी में आतंकवादी हमले होने की आशंका के चलते बेल्जियम ने यहां सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है और चप्पे-चप्पे पर भारी हथियारों से लैस पुलिस और सैन्य बलों की तैनाती कर दी है।

बेल्जियम के लोक अभियोजक इरिक वान डेर ने बताया कि सालेह की तलाश में लगभग 19 स्थानों पर छापे मारे गये और इस दौरान राजधानी के दक्षिण में चार्लेरोई में तीन मकानों की तलाशी भी ली गयी।

उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान कहीं से भी हथियार या अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। हमने 16 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि सालेह को अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है।

इससे पहले राजधानी ब्रसेल्स में आतंकवादी हमले के खतरे को देखते हुए यहां पहले ही हाई अलर्ट की घोषणा कर दी गई है। इस दौरान जहां पुलिस और सैन्य बल सड़कों पर गश्त करते हुए दिखे वहीं हेलीकाप्टरों से भी हर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

इस बीच प्रधानमंत्री चार्ल्स माइकल ने संभावित खतरे के मद्देनजर सुरक्षा प्रमुखों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने नागरिकों को दहशत में आने की बजाय सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हाई अलर्ट का फैसला हमले के खतरे को लेकर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर लिया गया है जहां हथियारों और विस्फोटकों के साथ कई लोग एक ही समय कई जगहों पर हमले कर सकते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘हमलों को लेकर हम सावधान हैं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये स्कूल, मेट्रो सेवाएं और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। स्थित की कल एक बार फिर समीक्षा की जायेगी और फिर आगे के बारे में कोई निर्णय लिया जायेगा।’

गौरतलब है कि पेरिस में हुए जानलेवा हमलों का एक संदिग्ध हमलावर सालेह अब्दुस सलाम फरार है और उसे आखिरी बार बेल्जियम में घुसते हुए देखा गया था। गृहमंत्री जान जामबोन ने सालेह को एक बड़ा खतरा बताते हुए हमले की आशंका जताई थी।

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