सेंसेक्स में 100 अंकों का उछाल, निफ्टी  7650 के पास

मुंबई । बाजार में  लगातार  गिरावट का सिलसिला देखने के बाद गुरुवार को  बाजार में तेजी के साथ शुरुआत हुई। वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बावजूद घरेलू बाजारों ने अच्छी बढ़त के साथ शुरुआत की है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 105 अंकों की तेजी है और निफ्टी भी 7650 के अहम स्तर के काफी नजदीक पहुंच गया है। फिलहाल बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 105.83 अंक यानि 0.42 फीसदी की बढ़त के साथ 25141 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 31.00 अंक यानि 0.41 फीसदी चढ़कर 7643 के स्तर पर आ गया है।

बाजार में ऑटो, मीडिया और फार्मा शेयरों को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरियल इंडेक्स बढ़त के हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। चढ़ने वाले शेयरों में सबसे ज्यादा 1.13 फीसदी की तेजी रियल्टी शेयरों में देखी जा रही है वहीं एफएमसीजी शेयर 0.77 फीसदी ऊपर हैं। मेटल शेयरों में 0.66 फीसदी का उछाल दर्ज किया जा रहा है।

बाजार के दिग्ग्ज शेयरों में हिंडालको में 1.83 फीसदी और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.37 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। एचयूएल में 1.23 फीसदी की बढ़त दर्ज की जा रही है। बजाज ऑटो 1.14 फीसदी और कोल इंडिया 1.12 फीसदी ऊपर हैं। वेदांता और आईटीसी में 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

 

 

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मर्सिडीज बेंज ने  ए क्लास हैचबैक फेसलिफ्ट कार किया लॉन्‍च

 

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एचटीसी ने भारत में लॉन्च किया  एचटीसी  वन ए नाइन
नई दिल्ली ।  एचटीसी ने कम कीमत वाला एक नया स्मार्टफओन भारत में लॉन्च कर दिया है। यह दिखने में बिल्कुल आईफोन के जैसा दिखता है। इस स्मार्टफोन एचटीसी वन ए9 का नाम दिया गया है। इसकी कीमत 29,990 रुपए तय की गई है। यह स्नैपडील पर 15 दिसंबर को बि‌क्री के लिए उपलब्‍ध होगा।

खासियत

 यह एंड्रॉयड के लेटेस्ट वर्जन 6.0 मार्शमैलो ओएस पर चलने वाला कंपनी का पहला हैंडसेट है। भारत में वन ए9 32 जीबी इंटरनल स्टोरेज और 3 जीबी रैम के साथ उपलब्‍ध होगा। यह 64 बिट क्वालकॉम स्नैपड्रैन 617 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर 1.5 गीगाहर्ट्ज क्वाड-कोर और 1.2 गीगाहर्ट्ज क्वाड-कोर मॉड्यूल के साथ होगा। माइक्राएसडी कार्ड (2 टीबी तक) सपोर्ट मौजूद है।

फीचर्स

 कनेक्टिविटी विकल्प की बात करें तो 4जी एलटीई, 3जी, ब्लूटूथ, वाई-फाई, और माइक्रो यूएसबी शामिल हैं। इसके अलावा फिंगरप्रिंट सेंसर, लाइट सेंसर, प्रोक्सी सेंसर मौजूद हैं। फोन की बैटरी 2150mAh की है। भारत में यह कार्बन ग्रे और पर्ल सिल्वर रंगों में उपलब्ध होगा।पिक्सल अल्ट्रापिक्सल फ्रंट-फेसिंग कैमरा दिया गया है।

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नौकरी ढूंढ़ने के कुछ नए टूल्स

नई दिल्ली। एक वक्त था, जब नौकरी ढूंढ़ने के लिए प्लेसमेंट एजेंसियों पर निर्भरता थी। वहीं आज नए जमाने के नए टूल्स जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स, एप भी नौकरी ढूंढ़ने में मदद कर रहे हैं- 
लोकप्रिय साइट्स

लिंक्डइन डॉट कॉम, शाइन डॉट कॉम जैसी साइट्स को फेवरेट में सेव करें।
– 80 फीसदी जॉब्स कहीं न कहीं नेटवर्किंग से मिल रही हैं।
– 40 फीसदी युवा नौकरी ढूंढ़ने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं।
– 1/3  मैनेजर्स मानते हैं कि पारंपरिक नौकरी ढूंढ़ने के तरीकों को नये जमाने के टूल बदल डालेंगे।
– मोबाइल नौकरी ढूंढ़ने के लिए एप्स डाउनलोड करें। एप्स आपको एक टच में नौकरी ढूंढ़ने का विकल्प देते हैं।
– मोबाइल एप्लिकेशन

– शाइन, जॉब एमपी मोबाइल, रियल टाइम जॉब
– करियर बिल्डर, बिजी बी
– 20 प्रतिशत लोग नौकरी ढूंढ़ने के लिए अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने लगे हैं।
– अपने वीडियो रेज्यूमे को यूट्यूब पर भी अपलोड करें और ध्यान रखें कि इसका लिंक आपके सीवी में जरूर हो।

पर्सनल ब्रांडिंग
खुद को ऑनलाइन प्रमोट करने में पीछे न रहें। आपका किएटिव वर्क नियोक्ता की नजरों में जरूर आयेगा। खुद की संप्रेषण कला को विभिन्न वेबसाइट्स के जरिये भी पेश करें। एसईआरपी के जरिये गूगल लेखकों की उच्च गुणवता वाले कंटेंट की पहचान करता है।

ब्लॉगिंग टिप्स
ऐसा जरूर दिखना चाहिए कि आप अपनी फील्ड में लगातार रिसर्च करे रहे हैं। एक पेज अपने रेज्यूमे के नाम करें। अपने विचारों को ऐसे रखें, जिससे इंडस्ट्री की जानकारी के साथ आपके विचार भी झलकते हों।

ट्विटर टिप्स
– रिक्रूटर से ट्विटर के जरिये जुड़ कर उसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटायें।
– री ट्वीट करने पर नियोक्ता को लगेगा कि आप कंपनी के प्रोफाइल को जानने-समझने में दिलचस्पी ले रहे हैं।
– नियोक्ता की नजरों में आने के लिए अपनी फील्ड से जुड़ी अच्छी पोस्ट करें।
– यहां ब्लॉग्स के लिंक आदि जोड़ने में भी पीछे न रहें।

शिष्टाचार न भूलें
सोशल मीडिया प्रोफाइल में पूरी तरह से प्रोफेशनल की तरह दिखें। कंटेंट एक प्रोफेशनल की दृष्टि से पोस्ट किया गया हो। पांच में से एक मैनेजर ने नौकरी देने से पहले सोशल नेटवर्क में बैकग्राउंड की जांच की।

– तीन वजहों से कंपनी से बाहर का रास्ता देखा
– 09 फीसदी कंपनियों ने नियमों के उल्लंघन के कारण कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया
– 21 प्रतिशत कंपनियों ने पाया कि उनके अधिकतर कर्मचारियों ने कंपनी पॉलिसी का ध्यान रखा
– कंपनी में रहते हुए जॉब सर्च
– सोशल मीडिया पर बॉस व क्लाइंट पर प्रहार किया
– फिजूल की पिक्चर्स पोस्ट कीं।

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