आरबीआई ने ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया

मुंबई, 9 अगस्त (आईएएनएस)| भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर रघुराम राजन ने अपने कार्यकाल की आखिरी मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को भी चार प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है।

रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अल्पावधि के लिए रिजर्व बैंक से उधार लेते हैं।

आरबीआई ने पिछली बार सात जून को भी नीतिगत समीक्षा में प्रमुख ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया था।

राजन ने कहा, “हाल ही में खाद्य कीमतों में अनुमान से अधिक बढ़ोतरी से महंगाई पर अनुमान बाकी वर्ष के लिए बढ़ गया है। मौजूदा जोखिमों को देखते हुए यह ठीक है कि नीतिगत दरों में किसी तरह का बदलाव न किया जाए।”

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सीएजी ने उत्पादन की गलत जानकारी देने पर ओएनजीसी को फटकारा

नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)| भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने ओएनजीसी को कच्चे तेल के उत्पादन की ‘गलत और बढ़ाचढ़ा कर’ जानकारी देने पर फटकारा और कंडेंसेटे, बेसिक सेंडिमेंट और पानी इत्यादि को कच्चे तेल के उत्पादन में शामिल नहीं करने की संस्तुति की। सोमवार को संसद के पटल पर रखी अपनी रिपोर्ट में कैग ने कहा, “कच्चे तेल के उत्पादन की गलत और बढ़ाचढ़ा कर जानकारी देने से कंपनी के प्रदर्शन की गलत जानकारी मिली है। इस कारण कंपनी पर साल 2012 से 2015 के दौरान 18,787.43 करोड़ रुपये सब्सिडी का अतिरिक्त बोझ पड़ा।”

इसमें कहा गया कि कच्चे तेल के उत्पादन के ‘माप और पैमाइश’ में भी दुर्बलता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ओएनजीसी ऑपरेशन के पश्चिमी तट के उत्पादन के बारे में दी गई जानकारी और बिक्री की गई वास्तविक मात्रा में काफी फर्क है।

सीएजी ने कहा कि इस अंतर की जांच की जानी चाहिए और सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।

इसके अलावा इस रिपोर्ट में कहा गया है कि तटीय क्षेत्रों में अधिक उत्पादन दिखाने के बाद कंपनी ने कच्चे तेल की चोरी और बर्बादी या फिर तेल की खराब मात्रा जैसे बहाने बनाए, ताकि कंपनी के शेयरों पर असर न हो।

उन्होंने कहा, “कंपनी को कच्चे तेल की हर स्तर पर सही माप करने की प्रणाली लगानी चाहिए, ताकि उनके माप की सटीकता सुनिश्चित हो।”

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शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में गिरावट

मुंबई, 9 अगस्त (आईएएनएस)| देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में मंगलवार को गिरावट का रुख देखने को मिल रहा है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.37 बजे 30.73 अंकों की गिरावट के साथ 28,151.84 पर जबकि निफ्टी भी लगभग इसी समय 11.95 की कमजोरी के साथ 8,699.40 पर कारोबार करते देखे गए।

बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 106.65 अंकों की मजबूती के साथ 28,289.22 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.45 अंकों की बढ़त के साथ 8,727.80 पर खुला।

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ऑनलाइन खरीदारी में 92 फीसद लोग तलाशते हैं कूपन का विकल्प

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)| एक प्रमुख ऑनलाइन कूपन साइट शॉप पायरेट कूपंस द्वारा कराए गए हालिया अध्ययन में ऑनलाइन कूपंस के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है, जो बताता है कि ज्यादातर ऑनलाइन खरीदार (करीब 92 प्रतिशत) कूपन का विकल्प तलाशते हैं। अध्ययन बताते हैं कि प्रत्येक पांच में से चार खरीदार ऑनलाइन उत्पाद या सेवा की खरीदारी से पहले कूपन के बारे में पूछने के बाद ही फैसला करते हैं।

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भारत के ई-कॉमर्स में असाधारण तेजी देखी गई है और इसके आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं। ई-कॉमर्स बिजनेस सन 2015 में 230 लाख डॉलर तक पहुंच गया और सन 2016 के अंत तक इसके 15 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में ग्राहकों के लिए कूपन शॉपिंग अनुभव का सबसे आकर्षक हिस्सा होता है।
शॉप पायरेट के अध्ययन में सामने आया है कि कूपन तलाशने का सबसे अच्छा ठिकाना मोबाइल एप ही है। करीब 67 प्रतिशत लोग इसमें शामिल होते हैं।online-coupon-code-computer

युवा भारतीय कूपन की खोज में ज्यादा रहते हैं (95 प्रतिशत)। अध्ययन के मुताबिक 25 से 34 आयुवर्ग वाले भारतीय कूपन के सबसे बड़े उपभोक्ता हैं। इसकी वजह यह है कि तकनीकी रूप से सर्वाधिक कुशल और अधिक खर्च करने वाले वेतनभोगी होते हैं।
पाया गया है कि पूरी दुनिया में भारत कूपन का सबसे बड़ा उपभोक्ता बन गया है। अमेरिका जैसे देशों को भी इस मामले में भारत ने पीछे छोड़ दिया है, जबकि ब्राजील दूसरे नंबर पर है जहां डिस्काउंट कूपन का इस्तेमाल ज्यादा होता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ऑफलाइन खरीदारी करते समय भारतीयों में हमेशा मोलभाव करने और छूट पाने की प्रवृत्ति रहती है।
यहां कुछ शीर्ष ऑनलाइन स्टोर की सूची है, जहां भारतीय आकर्षक डिस्काउंट कूपन के साथ खरीदारी करना पसंद करते हैं : 1. अमेजन, 2. फ्लिपकार्ट, 3. मिंतरा, 4. स्नैपडील 5. डोमिनोज शामिल हैं।

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अध्ययन बताते हैं कि टियर-1 शहरों में रहने वाले लोग कूपन के सबसे बड़े उपभोक्ता होते हैं। मुंबई जैसे इन शीर्ष शहरों में 85 प्रतिशत खरीदार ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त बड़ी बचत के लिए कूपन पर भरोसा करते हैं। यह वैश्विक औसत 78 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है।
सबसे ज्यादा बचत दिलाने वाले भारतीय शहरों की सूची में टियर-1 श्रेणी के तहत मुंबई, बेंगलुरू, हैदराबाद, दिल्ली और चेन्नई। टियर-2 के तहत मंगलोर, कोयंबटूर, लखनऊ और मैसूर आते हैं।

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महिलाओं की तुलना में जहां पुरुष ज्यादा कूपन की तलाश में रहते हैं, वहीं देखा गया है कि ज्यादातर लोगों के लिए डिस्काउंट कूपन की तलाश फैशन बन गया है। दरअसल ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका सहित लगभग सभी बड़े देशों में यह प्रमुख फैशन है।
(शॉपपायरेट सर्वे डाटा स्रोत : गूगल ट्रेंड्स, ब्लॉगर्स के ईमेल और 500 ऑनलाइन खरीदारों से बातचीत पर आधारित है)

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गेमिंग सेक्टर की जरूरतें पूरी करेगा एआईजीएफ

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)| ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (एआईजीएफ) गेमिंग उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए आगे आया है। इसके तहत गेमिंग उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच चर्चा को बढ़ावा देने के लिए मंच, अनुसंधान एवं नीतिगत हस्तक्षेप पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

एआईजीएफ में गेम ऑपरेटर, खिलाड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, अर्थशास्त्री, नीति विश्लेषक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, कानूनी एवं सलाहकार फर्मे, प्रोद्यौगिकी कंपनियां, गेमिंग डिजाइनर, पेमेंट गेटवे वेंडर, गेमिंग ब्लॉगर और जिम्मेदार गेमिंग कंपनियां शामिल होंगी।

भारत में गेमिंग उद्योग के सकारात्मक पहलुओं पर जोर देने के लिए नई दिल्ली में एआईजीएफ का आधिकारिक लॉन्च किया गया, जिस पर विभिन्न क्षेत्रों के प्रख्यात दिग्गजों के द्वारा एक पैनल चर्चा के माध्यम से रोशनी डाली गई। इन दिग्गजों में, कीर्ति आजाद (पूर्व क्रिकेटर एवं लोकसभा सांसद), हांगकांग के एशिया गेमिंग ब्रीफ की प्रबंध निदेशक रोजालिंड वाडे और रणजीत सिन्हा (सीबीआई के पूर्व निदेशक) शामिल थे। इन सबने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा में हिस्सा लिया।

जुआ और सट्टेबाजी भी गेम है। वर्ष 2010 की केपीएमजी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में जुए और सट्टेबाजी का कारोबार 60 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य का है जिसका एक बड़ा हिस्सा गैर-कानूनी है। हाल ही में इंटरनेशनल सेंटर फॉर स्पोर्ट्स सिक्योरिटी द्वारा पेश की गई। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सट्टेबाजी का बाजार 130 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का है।

एफआईसीसीआई के अनुमान के अनुसार कानूनी जुए और सट्टेबाजी की राजस्व क्षमता तकरीबन 20,000 करोड़ रुपये हो सकती है। चूंकि जुआ पीड़ित रहित अपराध है और 1867 के कानून को गंभीरता से लागू नहीं किया गया है, ऐसे में भारत के राजकोषीय घाटे में राहत पाने के लिए इस गतिविधि को कानूनी बनाना उचित होगा।

इस गतिविधि से आने वाले धन का इस्तेमाल सामाजिक एवं बुनियादी संरचना से जुड़ी योजनाओं एवं खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।

एआईजीएफ के सीईओ रोलैंड लैंडर्स ने एआईजीएफ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उद्योग जगत के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान, एफडीआई का भत्ता और प्रोद्यौगिकी सहयोग, जिम्मेदाराना गेमिंग को बढ़ावा देना, खिलाड़ी की सुरक्षा को सुनिश्चित करना और गेमिंग उद्योग के लिए नए मार्ग प्रशस्त करना है। इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

उन्होंने कहा, “गेमिंग उद्योग में सरकारी खजाने में राजस्व बढ़ाने की अपार क्षमता है, बशर्ते कि इस पर निष्पक्ष नियंत्रण रखा जाए और इसके लिए उचित दरों पर कराधान तय किया जाए।

कौशल से जुड़े खेल (गेम ऑफ स्किल) और मौके से जुड़े खेल (गेम ऑफ चांस) के बीच एक बुनियादी अंतर है।

वर्ष 1967 में आंध्रप्रदेश राज्य बनाम आर सत्यनारायण के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि रम्मी एक ऐसा खेल है, जिसमें पर्याप्त कौशल की आवश्यकता होती है। 1996 में के आर लक्ष्मणन बनाम तमिलनाडु राज्य के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि घोड़े की दौड़ पर दांव लगाना महज कौशल का खेल है।

इसी तरह पोकर को भी कर्नाटक, कोलकाता के न्यायालयों, पश्चिम बंगाल के विधान एवं हाल ही में नगालैंड में कौशल के खेल के रूप में मान्यता दी गई है।

बहुत से लोग इस बात से अनजान हैं कि पोकर, रम्मी और फैंटेसी क्रिकेट जैसे खेलों को पहले से कानूनी तौर पर मान्यता दे दी गई है। हालांकि इनमें पैसा दांव पर लगाया जाता है।

कानूनी सट्टेबाजी प्रतिष्ठित गेमिंग कंपनियों को बाजार में प्रवेश करने और आपराधिक तत्वों पर अंकुश लगाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा अंडरवल्र्ड को जाने वाली धनराशि पर भी रोक लगेगी, जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जाता है।

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फेसबुक ने भारतीय कारोबार के लिए शुरू किए नए फीचर

न्यूयार्क, 4 अगस्त (आईएएनएस)| दुनिया की अग्रणी सोशल वेबसाइट फेसबुक ने ऑनलाइन कारोबार, खासकर भारतीय बाजार को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को दो नए पेज सेक्शन की घोषणा की। भारत में फेसबुक का इस्तेमाल करने वाले 57 फीसदी उपयोगकर्ता किसी न किसी कारोबार से भी जुड़े हुए हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर ‘सर्विसेज’ और ‘शॉप’ दो नए सेक्शन जोड़े गए हैं।

शॉप सेक्शन के तहत कारोबार जगत को अपने पेज पर विक्रय के लिए प्रदर्शित उत्पादों को पहले से बेहतर तरीके से प्रदर्शित करने की सुविधा मुहैया करवाई गई है।

फेसबुक ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि यह दो नए पेज सेक्शन लोगों को मैसेजिंग के जरिए अपना पसंदीदा उत्पाद खोजने, तलाशने और बेहतर ऑफर्स का पता लगाने की सहूलियत देता है।

वहीं सर्विसेज सेक्शन में सेवा से जुड़े कारोबार जगत को अपनी सेवाओं को अपने पेज पर बेहतर तरीके से सूचीबद्ध करने की सुविधा मुहैया कराएगा।

अगर हम भारत में छोटे और मध्यम श्रेणी के कारोबार पर नजर डालें तो पूरे देश में कारोबार जगत और अन्य उपभोक्ताओं के बीच 1.99 अरब संदेशों का आदान-प्रदान होता है।

फेसबुक पर पिछले वर्ष अक्टूबर तक भारत में छोटे और मध्यम दर्जे के कारोबार से संबंधित 20 लाख पेज मौजूद थे।

फेसबुक के उत्पाद विपणन प्रबंधक एड्रियान नाम ने कहा, “फेसबुक पेज में बढ़ाए गए ये शॉप्स एवं सर्विसेज सेक्शन पूरी दुनिया में कारोबार जगत को अपने उत्पाद और सेवाओं को पहले से बेहतर तरीके से प्रदर्शन करने में मददगार साबित होंगे।”

फेसबुक ने ये पेज उद्योग जगत को फेसबुक पर अपने कारोबार को प्रचारित-प्रसारित करने की निशुल्क सुविधा देने और उपभोक्ताओं को अपने इच्छित उत्पादों एवं सेवाओं की निशुल्क पड़ताल करने की सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू किए हैं।

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फेसबुक ने इंस्टाग्राम के लिए स्नेपचैट की ‘कहानियां’ कॉपी की

न्यूयॉर्क, 4 अगस्त (आईएएनएस)| मोबाइल मेसजिंग एप स्नेपचैट को तीन अरब डॉलर में खरीदने की कोशिश में लगे फेसबुक ने इंस्टाग्राम के लिए कानियों के एक प्रारूप की घोषणा की है, जो स्नैपचैट के लोकप्रिय फीचर की नकल है। एंड्राएड अथारिटी डॉट कॉम ने बुधवार को कहा कि इंस्टाग्राम द्वारा स्नैपचैट की ‘कहानियों’ के फीचर की नकल करना इसके प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ने की एक शानदार कोशिश है, और फेसबुक ने इसे कोई अलग नाम भी नहीं दिया है।

इंस्टाग्राम की ‘कहानियों’ में लमहों का एक सेट तैयार किया गया है, जो स्लाइड शो प्रारूप में उपस्थित होंगी। इसे आपको फालो करने वाले 24 घंटे देख सकेंगे। इसके बाद यह आपके स्थायी विवरण से गायब हो जाएगा।

इंस्टाग्राम आपको स्वाभाविक रूप से अपनी बात रखने, स्टीकर और फोटो बनाने की सुविधा दे रहा है।

इंस्टाग्राम ‘कहानियां’ अगले कुछ हफ्तों में विश्व भर में आईओएस और एंड्राएड पर मिलेंगी।

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सेल्फी चहेतों के लिए एसस का नया स्मार्टफोन

नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)| ताइवान की स्मार्टफोन निर्माता आसुस ने बुधवार को भारतीय बाजार में सेल्फी पसंद लोगों के लिए अपना नया स्मार्टफोन जेनफोन सेल्फी लांच किया। आसुस ने इस स्मार्टफोन की कीमत 12,999 रुपये रखी है और इसे दुनिया की अग्रणी ऑनलाइन रिटेल साइट अमेजन से खरीदा जा सकेगा।

हालांकि आसुस का यह नया स्मार्टफोन सितंबर से उपलब्ध हो सकेगा। 5.5 इंच डिस्प्ले वाले आसुस का यह नया स्मार्टफोन क्वालकाम स्नैपड्रैगन 615 प्रोसेसर पर रन करता है और इसमें 3 जीबी का रैम और 16 जीबी की इंटर्नल मेमोरी दी गई है।

एंड्रॉयड लॉलिपॉप के साथ इस स्मार्टफोन को पेयर किया गया है और इसकी मेमोरी को माइक्रो एसडी कार्ड के जरिए 128 जीबी तक एक्सपैंड की जा सकती है।

आसुस इंडिया के रिजनल हेड (दक्षिण एशिया) और कंट्री मैनेजर पीटर चांग ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, “आसुस का यह नया जेनफोन सेल्फी स्मार्टफोन आसुस की रचनात्मक डिजाइन का शानदार नमूना है। इस स्मार्टफोन का बैक हीरे की तर्ज पर डिजाइन किया गया है, जो उपयोगकर्ता को नया लुक और स्टाइल प्रदान करेगा।”

आसुस के इस नए स्मार्टफोन में 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा दिया गया है, जिसका अपर्चर एफ/2.0 है और साथ ही ऑटो लेजर फोकस लेंस से लैस है। इस स्मार्टफोन में 3,000 एमएएच की बैट्री दी गई है।

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कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए ओला का ‘डू योर शेयर’ अभियान

नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)| परिवहन मोबाइल एप ओला ने कार्बन उत्सर्जन की समस्या से निपटने के लिए ‘डू योर शेयर’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत ओला ने मुम्बई, दिल्ली और बंगलुरु में मुख्य स्थानों पर ‘बिलबोर्ड’ लगाने की योजना बनाई है जिसके द्वारा ‘ओला शेयर’ वाहन का इस्तेमाल करने वाले यात्री कार्बन उत्सर्जन के स्तर का पता लगा सकेंगे। कंपनी ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि यह अभियान नागरिकों को ‘शेयर्ड मोबिलिटी’ (साथ मिलकर यात्रा) का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करेगा तथा पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद करेगा। इससे शहर में कार्बन उत्सर्जन के स्तर को कम किया जा सकेगा। अगस्त के पहले सप्ताह से इस अभियान की शुरूआत हो रही है।

अभियान के तहत तीनों शहर इस अवधि के दौरान कार्बन उत्सर्जन के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे। सोशल मीडिया पर लाइव डिजिटल काउन्टर और ‘बिलबोर्ड’ रियल टाइम में कार्बन उत्सर्जन के स्तर को ट्रैक करेंगे। इस तरह यात्री शहर को हरित एवं भीड़भाड़ से रहित बनाने में अपना योगदान दे सकेंगे।

ओला का कहना है कि वह लाखों उपयोगकर्ताओं के सहयोग से तीनों शहरों बंगलुरु, दिल्ली और मुम्बई में कार्बन उत्सर्जन के स्तर को 1200 टन तक कम करना चाहती है। गौरतलब है कि तीनों शहर कार्बन उत्सर्जन में 400-400 टन का योगदान देते हैं।

इस बारे में ओला के हेड ऑफ कैटेगरीज एवं मुख्य विपणन अधिकारी रघुवेश सरूप ने बताया, “शेयर्ड मोबिलिटी स्थायी परिवहन की दिशा में एक नई मिसाल है। ओला के ‘डू योर शेयर’ अभियान के माध्यम से हम बड़ी संख्या में लोगों को ओला शेयर के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं, जिससे शहरों की सड़कों पर भीड़भाड़ एवं ट्रैफिक जाम जैसी समस्स्या को कम किया जा सके। हम इस अभियान को अन्य शहरों में भी ले जाना चाहते हैं। हम लाखों भारतीयों को परिवहन के सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराने के अपने मिशन के साथ-साथ देश को परिवहन के स्थायी साधन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रहें हैं।”

डब्ल्यूआरआई इंडिया के बिजनेस एंगेजमेन्ट प्रमुख विवेक पी आधिया ने बताया, “स्थायी परिवहन को बढ़ावा देने वाले अभियान (जैसे ओला राइड शेयरिंग) पर्यावरण में कार्बन की मात्रा को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हमारा मानना है कि इस तरह की पहल जलवायु से जुड़े महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगी तथा पिछले साल पेरिस में हुए सीओपी-21 में भारत द्वारा कार्बन उत्सर्जन के स्तर में 33-35 फीसदी कमी लाने की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में अपना योगदान देगी।”

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इंफोसिस ने इजरायली कंपनी में 40 लाख डॉलर किया निवेश

बेंगलुरु, 3 अगस्त (आईएएनएस)| प्रमुख वैश्विक सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस ने बुधवार को एक इजरायली कॉरपोरेशन क्लाउडीएन में 40 लाख डॉलर (27 करोड़ रुपये) के निवेश की घोषणा की। बंबई स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा, “क्लाउडएन उद्यमों को सॉफ्टवेयर समाधान और क्लाउड सेवाएं मुहैया कराती है।”

इंफोसिस ने हालांकि इस पांच साल पुरानी इजरायली कंपनी में कितनी हिस्सेदारी ली है, इसका खुलासा नहीं किया है। क्लाउडएन की मौजूदगी अमेरिकी बाजार में भी है।

बीएसई में को दी गई जानकारी में कहा गया है, “इस निवेश के 15 अगस्त तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।”

संयोग से इंफोसिस ने अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी विप्रो द्वारा एक इजरायली एयरोस्पेस कंपनी एच. आर. गिवोन में एक अज्ञात राशि के निवेश करने के दो दिन बाद ही क्लाउडएन में निवेश की घोषणा की है।

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